ठरकी
Wednesday, November 05, 2003
  मुट्ठ मार लो
मौका देख के मुट्ठ मार लो और मज़े ले लो। ज़िन्दगी फिर कब आएगी, लण्ड कितने दिन खड़ा होगा। लण्ड को मोटा करो और मसल मसल के मुट्ठ मारो, ठरक चढ़ते ही।
 
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