ठरकी
Friday, April 09, 2004
  भोसड़ी वालो, जागो
लौड़े का चूत से मिलने का जी करता है, लेकिन चोरी चोरी, चुपके से, कस के चुदवाने का मन करता है चूत को, लेकिन ज़बर्दस्ती से। सालो बहन के लौड़ों समझ में आई बात कि नहीं। मोटे लौड़े को पकड़ के हिलाते रहोगे तो कुछ नहीं होने वाला। हाँ लौड़ा चूसने को मिल जाएगा, उस काम में भी मज़ा आता है कि नहीं? किसी हरामी पिल्ली का चूतड़ मिल जाए तो बस कस के निचोड़ ही दोगे तुम लोग तो। तुम लोग साले ठरक के लिए कुछ भी करोगे। ज़िन्दगी और मौत तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं है। यह भगवान ने चीज़ ही ऐसी बनाई है।
 
मेरी गाँड मारो:
sab bakbas hai koi nahi deta hai
 
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