सेक्स
सेक्स के लिए तड़प रहा था वो। उसका सुपाड़ा जब मोटा हो जाता तो सोचता था कि ऐसा क्यों होता है, सबके होता है क्या? इतना मज़ा क्यों आता है इसमें? किसी ने बताया भी नहीं इसके बारे में। आखिर ये है क्या? कोई बीमारी तो नहीं? लड़कियों के नङ्गे तन को देखने की तो पुरानी आदत थी ही उसे, पर अब उसमें और मज़ा आने लगा था। देखना चाहता था कि लड़कियों की भी चूत में ऐसा ही कुछ होता है क्या, अग़र होता है तो क्या होता है, बहुत उत्सुकता थी। यही गुदगुदी क्या लड़कियों को भी होती है? मुट्ठ मारने में वो माहिर हो गया था, पर जब उसका माल निकल आता था तो तो बहुत गुस्सा आता था उसे। वह चाहता था कि ये कभी खतम ही न हो, बस चलता ही रहे, लगातार। लड़कियों की नङ्गी तस्वीरें देख के उसका लौड़ा खड़ा हो जाता था, इतना मोटा कि छोटी सी निकर में से बाहर निकलने लगता था। सोचता था कोई लड़की मिल जाए तो उसे बोलूँगा कि मेरे लौड़े को बार बार हिलाए और उससे हमेशा सट के ही रहे।